July 8, 2026

सम्मान और विदाई के साथ सेवानिवृत्त हुए डॉ. सर्वेश दीक्षित

ग्वालियर। शिक्षा विभाग जिला ग्वालियर के एडीपीसी डॉ. सर्वेश कुमार दीक्षित के सेवानिवृत्ति उपलक्ष्य में गोल्डन बैंक्विट लोटस में भव्य सम्मान एवं विदाई समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में शिक्षा विभाग के अधिकारी, प्राचार्य, शिक्षक, जनप्रतिनिधि, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी तथा विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। लगभग 260 अतिथियों ने डॉ. दीक्षित के शिक्षा, प्रशासन और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में दिए गए उल्लेखनीय योगदान को याद करते हुए उनके उज्ज्वल एवं स्वस्थ जीवन की कामना की।

समारोह में जिला शिक्षा अधिकारी ग्वालियर सुश्री स्वीटी मंगल, संयुक्त संचालक शिक्षा हरिओम चतुर्वेदी, सहायक संचालक श्रीमती पुष्पा ढोड़ी, ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष शशिकांत दीक्षित, वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी केशव पांडे, परशुराम कल्याण बोर्ड के संभागीय प्रभारी दिलीप समाधिया, रोटरी क्लब से रविंद्र राजपूत, अरविंद राजावत, शैलू चौहान, मनोज राजपूत तथा स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत सह-संयोजक राकेश शर्मा, डॉ. नवीन दुबे, आदेश शर्मा, डॉ. अमृत राजे, लोकेंद्र राजपूत, विकास पाराशर एवं नागेश शर्मा सहित शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि राकेश नायक, देवेंद्र दुबे, अरविंद दीक्षित, राजीव पाठक सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

जनप्रतिनिधियों में मध्यप्रदेश शासन के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, पूर्व सांसद जयभान सिंह पवैया सेजवलकर, पूर्व सांसद एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री अनूप मिश्रा, साडा ग्वालियर के अध्यक्ष अशोक शर्मा तथा विधायक सतीश सिकरवार सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी डॉ. दीक्षित को शुभकामनाएं एवं सम्मान प्रदान किया।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए उपेंद्र पांडे ने डॉ. सर्वेश कुमार दीक्षित के जीवन परिचय पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि डॉ. दीक्षित का जन्म 14 मई 1965 को उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के एक सामान्य परिवार में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा गांव में प्राप्त करने के बाद उन्होंने भारतीय शिक्षा सदन इंटर कॉलेज, सिकंदरपुर (जनपद फर्रुखाबाद) से हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की शिक्षा उत्कृष्ट अंकों के साथ पूरी की तथा विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

उच्च शिक्षा के दौरान उन्होंने हिंदी एवं अंग्रेजी विषय में एम.ए., एम.फिल., एम.एड. तथा पीएचडी की उपाधियां प्राप्त कीं। उन्होंने वर्ष 1987 में राजस्थान से अपने शिक्षकीय जीवन की शुरुआत सहायक प्राध्यापक के रूप में की तथा अगस्त 1990 से जून 2026 तक मध्यप्रदेश शासन के शिक्षा विभाग में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं।

अपने लंबे सेवाकाल में डॉ. दीक्षित ने अनेक उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। वर्ष 2005-06 में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सबलगढ़ में उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम के लिए सम्मानित हुए। वर्ष 2012 एवं 2013 में जिला स्तरीय शैक्षिक संगोष्ठी में प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा राज्य स्तरीय संगोष्ठी में सहभागिता के उपरांत कन्याकुमारी स्थित विवेकानंद केंद्र के शैक्षणिक भ्रमण का अवसर मिला। वर्ष 2015 में जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान तथा वर्ष 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा राज्य स्तरीय उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान से सम्मानित किए गए।

वर्ष 2018 में प्राचार्य रहते हुए विद्यालय परिसर में मां सरस्वती मंदिर का निर्माण एवं प्राण प्रतिष्ठा कराई। इसी वर्ष जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर से राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान विषय पर पीएचडी पूरी की तथा उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम के लिए शिक्षा मंत्री द्वारा भी सम्मानित हुए। वर्ष 2020-21 में रोटरी क्लब ग्वालियर मिडटाउन के अध्यक्ष के रूप में अनेक जनकल्याणकारी गतिविधियों का सफल संचालन किया। सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय योगदान के लिए उन्हें कान्यकुब्ज ब्राह्मण महासभा द्वारा भी सम्मानित किया गया। वर्तमान में वे स्वदेशी जागरण मंच, ग्वालियर विभाग के विभाग संयोजक के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

समारोह में उपस्थित अधिकारियों, शिक्षकों, शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने डॉ. सर्वेश कुमार दीक्षित की कार्यशैली, प्रशासनिक दक्षता, शिक्षा के प्रति समर्पण, सरल व्यक्तित्व और सामाजिक सरोकारों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। सभी ने उनके स्वस्थ, सुखद एवं समृद्ध जीवन की शुभकामनाएं देते हुए उनके योगदान को शिक्षा जगत के लिए प्रेरणादायी बताया।