ग्वालियर। माधव विधि महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के संयुक्त तत्वाधान में संविधान दिवस मनाया गया। जिसमें “ए ब्रीफ इंट्रोडक्शन ऑफ़ कॉन्स्टिट्यूशन” शीर्षक के ऊपर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें डॉक्टर गिरीश पाल, डॉक्टर संमिधा सिंह, श्री भारतेंदु चौधरी, डॉक्टर चेतन शर्मा, अजैता सिंह चौहान, प्राचीन तालरेजा, सोनाली दुबे जी ने संविधान के भिन्न-भिन्न टॉपिको पर छात्र- छात्राओं का मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर नीति पांडे द्वारा संविधान की उद्देशिका का वाचन किया गया। उन्होंने कहा संविधान किसी भी देश की राजनीतिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलने वाला वह आधारभूत दस्तावेज है जो सरकार के तीनों अंग विधायिका, कार्यपालिका एवं न्यायपालिका का गठन करता है, उन्हें शक्तियां देता है, उनके कर्तव्य का निर्धारण करता है, उनके आपसी एवं जनता के साथ संबंधों को निर्धारित करता है क्योंकि संविधान को संविधान सभा द्वारा 26 नवंबर 1949 को अधिकृत, अधिनियमित एवं अव्यापित किया। इसलिए इसे विधि दिवस के रूप में मनाया जाता था। किंतु अब हम इसे संविधान दिवस के रूप में मनाते हैं। भारत का संविधान विश्व का श्रेष्ठ संविधान है क्योंकि इसमें समय, काल परिस्थिति के अनुसार संशोधन किया जा सकता है। भारत संविधान की प्रकृति संघात्मक है किंतु अपवादित परिस्थितियों में यह एकात्मक रूप ले लेता है। इस अवसर पर 100 से अधिक विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संयोजन कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर सपना दुबौलिया ने किया। इस अवसर पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया जिसमें प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।
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