ग्वालियर। नगर निगम परिषद के विशेष सम्मेलन में आज शहर की सफाई और सीवर व्यवस्था को लेकर एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी निर्णय लिया गया। यह बैठक सभापति मनोज सिंह तोमर की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें शहर के हित में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की गई। बैठक की कार्यवाही जारी रहते हुए इसे 23 अप्रैल 2026, दोपहर 3 बजे तक स्थगित किया गया।
सीवर संधारण में ठेका प्रथा समाप्त
बैठक में सबसे अहम फैसला सीवर संधारण व्यवस्था को लेकर लिया गया। सभापति मनोज सिंह तोमर के नेतृत्व में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि अब सीवर संधारण कार्य ठेका प्रथा के बजाय सीधे नगर निगम द्वारा किया जाएगा।
यह निर्णय न केवल पारदर्शिता बढ़ाने वाला है, बल्कि शहरवासियों को बेहतर और समयबद्ध सेवाएं सुनिश्चित करेगा।
सभापति ने स्पष्ट निर्देश दिए कि:
डेढ़ माह के भीतर निगम अपनी व्यवस्थाएं तैयार करे
तब तक वर्तमान ठेकेदार से कार्य लिया जाए
लापरवाही पर भुगतान रोकने, अमानत राशि जब्त करने, ब्लैकलिस्ट और जरूरत पड़ने पर एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई हो
अधिकारियों की जवाबदेही तय
सीवर व्यवस्था की जिम्मेदारी अब क्षेत्रीय उपयंत्री एवं सहायक यंत्री (पीएचई) को सौंपी गई है। उन्हें अन्य प्रभारों से मुक्त कर पूरी जिम्मेदारी दी गई है, जिससे कार्य में जवाबदेही और गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।
सफाई व्यवस्था और मशीनों पर सख्ती
सड़कों की सफाई ठेके पर देने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक
सुपर सकर मशीन के संचालन व संधारण पर होने वाले खर्च पर भी फिलहाल रोक
ये फैसले वित्तीय अनुशासन और कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं।
330 सफाई कर्मियों की नियुक्ति का प्रस्ताव
मेयर इन काउंसिल की अनुशंसा पर 330 सफाई श्रमिकों की नियुक्ति को मंजूरी दी गई, जिसमें प्रत्येक वार्ड में तीन-तीन कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। इससे शहर की सफाई व्यवस्था और मजबूत होगी।
सामाजिक विषयों पर भी सहमति
बैठक में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा भेजे गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में प्रस्ताव को भी सर्वसम्मति से स्वीकृति दी गई।
शोक संवेदना
बैठक के अंत में कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों के आकस्मिक निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिनमें प्रमुख रूप से आशा भोसले सहित अन्य गणमान्य शामिल रहे।

सभापति मनोज सिंह तोमर ने जिस दृढ़ता और स्पष्टता के साथ ये फैसले लिए, वह नगर निगम प्रशासन में सुधार की एक नई दिशा दर्शाता है। उनका यह कदम न केवल ठेका प्रथा की कमियों को खत्म करेगा, बल्कि जवाबदेही, पारदर्शिता और जनहित को सर्वोपरि रखने का मजबूत संदेश देता है।
शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए उनका यह नेतृत्व सराहनीय और प्रेरणादायक है।
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