April 21, 2026

रातों-रात अमीर बनने का सपना… और जिंदगी पहुंच गई जेल तक!”

ग्वालियर में करोड़ों की साइबर ठगी का खुलासा, दो एजेंट गिरफ्तार

ग्वालियर। ऑनलाइन सट्टा, फर्जी शेयर मार्केट और जल्दी पैसा कमाने की चाह—इन तीन चीजों ने युवाओं को साइबर ठगों का आसान शिकार बना दिया है। ग्वालियर की स्टेट साइबर पुलिस ने एक बड़े ठगी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए दो ऐसे युवकों को गिरफ्तार किया है, जो खुद ठगी नहीं करते थे… बल्कि ठगों के लिए “रास्ता” तैयार करते थे।

ये दोनों आरोपी “म्यूल अकाउंट” यानी किराए के बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर होती थी।

कहां से पकड़े गए आरोपी?

पहला आरोपी बरेली (इज्जत नगर) से

दूसरा आरोपी नेपाल बॉर्डर के खटीमा से

चौंकाने वाली बात: दोनों ही सेवानिवृत्त फौजी/वायुसेना कर्मियों के इकलौते बेटे हैं।

पहला चेहरा: सट्टे का आदी पुलकित (34)

पिता: वायुसेना के रिटायर्ड कर्मी

आदत: नशा और ऑनलाइन सट्टा

केस:

ठेकेदार संजय सिंह चौहान से ₹90 लाख की ठगी

ठगी की रकम में से ₹4.5 लाख सीधे इसके खाते में आए

👉 मतलब साफ है—ठगी का पैसा “पहली लेयर” में इसी के खाते से घुमाया गया।

दूसरा चेहरा: लालच में फंसा धीरज (21)

गिरफ्तारी: खटीमा (नेपाल बॉर्डर)

केस:

मुकेश गुप्ता से ₹75 लाख की ठगी

खाते में आए ₹3.68 लाख

पुलिस ने ₹3.5 लाख बरामद किए

धीरज का खुलासा:

“दोस्त वैभव ने खर्च के लालच में खाता खुलवाया, एटीएम-चेकबुक खुद रख ली…”

कैसे चलता है ये पूरा खेल?

सोशल मीडिया पर फर्जी शेयर ट्रेडिंग ग्रुप बनते हैं

शुरुआत में छोटा मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता जाता है

फिर बड़ी रकम इन्वेस्ट करवाई जाती है

पैसा “म्यूल अकाउंट्स” में घुमाकर

क्रिप्टो

विदेशी खातों में भेज दिया जाता है

और ठग… गायब!

कमाई का लालच… अपराध की राह

हर बैंक खाते पर: ₹5,000 – ₹10,000

या ट्रांजेक्शन का: 2–3% कमीशन

👉 छोटी रकम के लालच में ये युवा करोड़ों के साइबर क्राइम का हिस्सा बन गए।

अब आगे क्या?

ग्वालियर साइबर पुलिस के मुताबिक पूछताछ में इस रैकेट से जुड़े कई और नाम सामने आए हैं। पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही इस गिरोह के मुख्य सरगना तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है।

जनता के लिए बड़ा अलर्ट

📌 पिछले 3 महीनों में ग्वालियर में ऐसे कई केस सामने आए

📌 सोशल मीडिया पर निवेश के झांसे तेजी से बढ़ रहे हैं

याद रखें:

अगर कोई “गारंटीड प्रॉफिट” या “डबल पैसा” का दावा कर रहा है…

तो वो निवेश नहीं, जाल है।

सावधान रहें – सतर्क रहें – साइबर ठगी से बचें!