ग्वालियर। दिसंबर बुधवार को श्री गिरिराज जी की स्थापना दिवस पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पंचम दिवस पर आचार्य श्री राम दुबे शास्त्री ने सर्वप्रथम श्री कृष्ण जी की बाल लीलाएं ,माखन चोरी लीला का वर्णन किया तत्पश्चात गोवर्धन लीला का बड़े ही सुंदर वर्णन करते हुए भजन गया *यशोदा मैया ले लो बधाई, डगर डगर चलो रे गोकुल को डगर डगर,भोला भंडारी आया मोहन तेरी गली में, मैं तो गोवर्धन को जाऊ माने ना मोरा मनवा, आ गए तेरे दीवाने जरा पर्दा हटाइए* *गिराज धरण के दर्शन करने को भक्तों का सैलाब उमड़ा
यह सुन श्रद्धालु झूम के नाचने गाने लगे फिर आगे की कथा में बताया कि गिरिराज जी संकटों का नाश करने वाले हैं गोवर्धन महाराज मनुष्य के संकटों का हरण कर लेते हैं इसलिए उनकी पूजा और परिक्रमा अवश्य करनी चाहिए वह कलयुग के प्रत्यक्ष देवता है तत्पश्चात आगे की लीला का वर्णन करते हुए बताया गिरिराज जी इंद्र का मान मर्दन करने के लिए प्रकृति की रक्षा के लिए गायों की सेवा के लिए बृजवासियों की रक्षा के लिए ही भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन धारण किया भगवान गोवर्धन को अन्नकूट का भोग लगाया जाता है कई प्रकार के अन्य मिठाईयां पकवानों का मिश्रण करके अनेक प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाना ही अन्नकूट का भोग कहलाता है गोवर्धन की परिक्रमा मानसी गंगा से प्रारंभ कर के गोविंद कुंड का दर्शन करना चाहिए जहां पर भगवान श्री कृष्ण का इंद्र ने अभिषेक कर क्षमा मांगी थी कुसुम सरोवर जहां राधा जी की सखी पुष्प चुनने के लिए आती है राधा कृष्ण कुंड दान घाटी पूंछरी के लोटा इन प्रमुख स्थान की परिक्रमा करते हुए वृंदावन बिहारी जी के दर्शन करने से परिक्रमा पूर्ण होती है तत्पश्चात आचार्य श्री राम दुबे शास्त्री जी महाराज ने बताया कल भगवान श्री कृष्ण रुक्मणी का विवाह बड़े धूमधाम से किया जाएगा तत्पश्चात कथा में गोवर्धन महाराज की झांकी का मनोहारी दृश्य देखकर सभी भक्त मंत्र मुग्ध हो गएऔर सभी भक्तों द्वारा गिरिराज धरण के जयकारों से कथा स्थल गोवर्धन तीर्थ स्थल बना तत्पश्चात श्रीमद् भागवत को विश्राम करते हुए गोवर्धन जी की भी पूजा अर्चना कर आरती उतारी गई जिसमें आदि आरती में मुख्य यजमान श्री एवं श्रीमती मधु नरेश तलुजा, मीता महेश बत्रा, पंजाबी सेवा समिति के अध्यक्ष मोहनलाल अरोड़ा, सोमनाथ अनेजा, प्रमोद पाहवा, सतीश पाहवा, ट्रस्ट के अध्यक्ष अरुण पटेरिया मुख्य पुजारी मनोज बुधौलिया किशोर जैन अनिल अरोड़ा सोहन सिंघल सहायक पुजारी प्रमोद तिवारी तथा गिरिराज जी सभी भक्तजन भारी संख्या में सम्मिलित हुए तत्पश्चात छप्पन भोग का प्रसाद सभी भक्तों में बांटा गया और अन्नकूट का भोग लगाकर सभी भक्तों मैं भंडारे का प्रसाद वितरण किया गया।

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