ग्वालियर। बसंत विहार स्थित त्र्यंबकेश्वर मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में मथुरा से पधारे युवा कथावाचक पंडित शुभम अग्निहोत्री जी ने पूतना प्रसंग का मार्मिक वर्णन करते हुए कहा कि “सत्य कभी छिप नहीं सकता, चाहे कितनी भी कोशिश क्यों न की जाए।” उन्होंने बताया कि पूतना पिछले जन्म में राजा बलि की पुत्री रत्नमाला थी, जिसने वामन भगवान को देखकर मन ही मन मातृत्व की इच्छा की थी। भगवान ने उसी भाव को स्वीकार कर उसे पूतना रूप में भी उच्च गति प्रदान की।
कथावाचक ने इसके बाद गेंद लीला, माखन चोरी, चीरहरण, गौचारण लीला जैसे मोहक प्रसंगों का सुंदर वर्णन किया और अंत में सभी भक्तों को गोवर्धन लीला का रसपान कराया। गोवर्धन पूजा के अवसर पर छप्पन भोग अर्पित किए गए और पूरा पंडाल “श्री गोवर्धन महाराज तेरे माथे मुकुट विराज रहो” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
इस दिव्य कथा आयोजन को समाजसेवी गौरव त्रिपाठी द्वारा सम्पन्न कराया जा रहा है।
कार्यक्रम में लायंस क्लब ऑफ ग्वालियर की पूरी टीम—अध्यक्ष लायन रामकरण पारीक, सेक्रेटरी लायन बी.पी. सिंह भदोरिया, लायन दीपक माहेश्वरी, लायन कमल गोयल, लायन प्रशांत सिंगल—ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर कथा का आनंद लिया।
More Stories
अखण्ड सीताराम धुन के समापन पर ऊर्जा मंत्री का आह्वान — स्वच्छता ही सेवा बने जन आंदोलन
ढोल ताशो के साथ भगवान कृष्ण की आई बारात, हुई पुष्प वर्षा भक्त बने बाराती
श्रीमद् भागवत कथा में गोवर्धन लीला का मनोहारी वर्णन, गिरिराज धरण के जयकारों से गूँजा कथा स्थल