ग्वालियर। माधव विधि महाविद्यालय एवं प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च, ग्वालियर के मध्य हुए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) के तहत “मीडिएशन (Mediation)” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित प्रोफेसर डॉ. राखी सिंह चौहान, प्राचार्य – विधि विभाग, प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “मीडिएशन एक स्वैच्छिक एवं गोपनीय प्रक्रिया है, जिसमें दो पक्षकार आपसी समझौते और संवाद के माध्यम से विवादों का समाधान निकालते हैं।” उन्होंने बताया कि मध्यस्थता में कोई भी पक्ष हारता नहीं है — दोनों ही पक्ष विजेता की स्थिति में होते हैं।

डॉ. चौहान ने कहा कि मीडिएशन कोई नया कॉन्सेप्ट नहीं, बल्कि यह हमारी भारतीय संस्कृति और धर्म से जुड़ा हुआ है। कुरुक्षेत्र के युद्ध में जहाँ भगवान श्रीकृष्ण ने कौरवों और पांडवों के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभाई, वहीं हनुमान जी ने भी श्रीराम और रावण के बीच संवाद स्थापित करने का प्रयास किया। प्राचीन समय में पंचायतों के माध्यम से भी विवादों का निपटारा इसी मीडिएशन प्रणाली से किया जाता था।
उन्होंने मीडिएशन के दो प्रमुख प्रकारों की जानकारी दी —
1️⃣ प्री-लिटिगेशन मीडिएशन
2️⃣ पोस्ट-लिटिगेशन मीडिएशन
डॉ. चौहान ने कहा कि “वैकल्पिक समाधान पद्धति का दिल है मीडिएशन, जो न केवल समय की बचत करती है बल्कि रिश्तों में भी मिठास घोलती है।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. नीति पांडे, प्राचार्य – माधव विधि महाविद्यालय ने कहा कि मीडिएशन एक शांतिपूर्ण और मानवीय प्रक्रिया है, जिसमें एक निष्पक्ष व्यक्ति पक्षकारों को अपने समाधान के आधार पर विवाद निपटाने में सहायता करता है, न कि निर्णय देता है। उन्होंने यह भी बताया कि जब पक्षकार सेटलमेंट पर हस्ताक्षर कर देते हैं, तो सेक्शन 223 के तहत वह न्यायालय की डिक्री की तरह बाध्यकारी हो जाता है।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्सुकता दिखाई और डॉ. चौहान से अनेक प्रश्न पूछे, जिनके उत्तर उन्होंने अत्यंत सरल और प्रेरक शैली में दिए।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजेन्द्र धाकड़ ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन सहायक प्राध्यापक श्रीमती रोली श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम की रूपरेखा डॉ. सपना दुबोलिया द्वारा प्रस्तुत की गई। इस कार्यशाला ने विद्यार्थियों में वैकल्पिक विवाद समाधान की दिशा में नई सोच और समझ विकसित की।
More Stories
माधव विधि महाविद्यालय में संविधान दिवस पर “ए ब्रीफ इंट्रोडक्शन ऑफ़ कॉन्स्टिट्यूशन” कार्यशाला आयोजित
खासगी बाजार महिला मंडल का शपथग्रहण समारोह हुआ संपन्न
व्यापारियों को जागृत करने हेतु दाल बाजार व्यापार समिति एवं जियाजी सदाव्रत द्वारा विशेष मार्गदर्शन कार्यक्रम संपन्न