ग्वालियर। डासना पीठाधीश्वर यति नरसिंहानंद रविवार को ग्वालियर पहुंचे, जहां उन्होंने दौलतगंज स्थित हिंदू महासभा कार्यालय में नाथूराम गोडसे की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान उनके कई विवादित बयान भी सामने आए।
गांधी पर विवादित टिप्पणी
यति नरसिंहानंद ने महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता मानने से इनकार करते हुए कहा कि भारत के “पिता” देवाधिदेव महादेव हैं। उन्होंने गांधी के योगदान पर भी सवाल उठाए और कहा कि उन्हें राष्ट्रपिता का दर्जा देने योग्य नहीं माना जाना चाहिए।
सावरकर को भारत रत्न देने की मांग
उन्होंने विनायक दामोदर सावरकर को भारत रत्न देने की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि सावरकर का कद किसी भी पुरस्कार से बड़ा है और उनकी तुलना देवताओं से की।
यूजीसी कानून पर बयान
यूजीसी के नए प्रावधानों को लेकर उन्होंने गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि यह कानून सनातन धर्म को खत्म करने की साजिश है और इससे सामान्य वर्ग के बच्चों को “जन्मजात अपराधी” घोषित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे देश में गृहयुद्ध जैसी स्थिति बन सकती है।
अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर प्रतिक्रिया
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष पर प्रतिक्रिया देते हुए यति नरसिंहानंद ने इजराइल के समर्थन को सही बताया और ईरान को “जिहादी ताकतों को बढ़ावा देने वाला देश” कहा। उन्होंने दावा किया कि इससे वैश्विक मानवता को खतरा है।
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