प्रशासन का बेरहम चेहरा आया सामने, दिल दहला देने वाली घटना
ग्वालियर। शुक्रवार तड़के शीतला माता मंदिर से लौट रहे सुरेश नगर के श्रद्धालुओं के लिए वह सुबह कभी न भूलने वाली बन गई। एक तेज़ रफ्तार स्कॉर्पियो, जिसे अमन शर्मा नामक युवक शराब के नशे में चला रहा था, ने उनकी ऑटो को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे ने न सिर्फ 5 जिंदगियां छीनीं, बल्कि कई मासूम बच्चों से उनके माता-पिता भी छीन लिए।
अब संवेदनहीनता की हद
हादसे के बाद उम्मीद थी कि प्रशासन पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा रहेगा, लेकिन अब जो सामने आ रहा है, वह और भी ज्यादा पीड़ादायक है।
एक घायल मासूम बच्ची का अस्पताल में इलाज चल रहा है
उसके माता-पिता इस हादसे में जान गंवा चुके हैं
रिश्तेदारों और पड़ोसियों का आरोप है कि अस्पताल स्टाफ इलाज के लिए पैसे मांग रहा है

कॉटन और ड्रिप जैसे बुनियादी इलाज के लिए भी पैसे वसूले जा रहे हैं, जबकि बच्ची के परिवार में अब कमाने वाला कोई नहीं बचा।

वादे बनकर रह गए शब्द
घटना के बाद जब परिजनों ने चक्का जाम किया था, तब प्रशासन ने बड़े-बड़े वादे किए थे। लेकिन अब वही परिवार दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं।
दो परिवारों के बच्चे पूरी तरह अनाथ हो चुके हैं
उनके भविष्य को लेकर कोई ठोस योजना सामने नहीं आई
प्रशासन सिर्फ आर्थिक मदद देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान रहा है
लेकिन सवाल ये है —
क्या सिर्फ कुछ रुपए देकर इन बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सकता है?
मौके पर पहुंचे थे अधिकारी
हादसे के बाद कलेक्टर रुचिका चौहान सहित कई प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचे और संवेदना व्यक्त की।
लेकिन ज़मीनी हकीकत आज भी सवालों के घेरे में है।
सबसे बड़ा सवाल
जिन बच्चों ने एक ही पल में अपने मां-बाप खो दिए…
जो मासूम आज अस्पताल में जिंदगी से जंग लड़ रही है…
उनका भविष्य कौन संभालेगा?
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