ग्वालियर। परशुराम जयंती के स्थानीय अवकाश के बावजूद गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध जयारोग्य अस्पताल समूह में व्यवस्थाओं को लेकर सख्ती देखने को मिली। ओपीडी का समय भले ही सीमित (सुबह 9 से 11 बजे) रखा गया था, लेकिन व्यवस्थाओं की हकीकत जानने के लिए अधिष्ठाता डॉ. आर.के.एस. धाकड़ खुद औचक निरीक्षण पर पहुंच गए।
सुबह करीब 10:15 बजे जैसे ही डीन हजार बिस्तर अस्पताल पहुंचे, अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान जहां कुछ डॉक्टर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते नजर आए, वहीं सर्जरी विभाग में एक डॉक्टर अनुपस्थित मिले, जिन पर तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

निरीक्षण की प्रमुख बातें
रजिस्ट्रेशन काउंटर का जायजा
डीन ने मरीजों के पंजीकरण की गति और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया।
कैशलेस व्यवस्था पर जोर
अस्पताल में बड़े भुगतानों के लिए कैश की बाध्यता खत्म करने हेतु पीओएस मशीनें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
सर्जरी विभाग में कार्रवाई
डॉ. अनिल शर्मा मरीजों का उपचार करते मिले, उन्हें सभी मरीजों को देखने के बाद ही जाने के निर्देश दिए गए।
डॉ. देवेंद्र प्रजापति अनुपस्थित पाए गए, जिन पर लापरवाही के चलते नोटिस जारी किया गया।

मनोविज्ञान विभाग संतोषजनक
डॉ. प्रियंका शर्मा मरीजों का उपचार करते हुए मिलीं, विभागीय कार्यप्रणाली पर संतोष जताया गया।
लिफ्ट व्यवस्था की समीक्षा
अस्पताल की सुविधाओं को लेकर लिफ्ट संचालन की भी जानकारी ली गई।
क्या बोले अधिष्ठाता?
अधिष्ठाता डॉ. आर.के.एस. धाकड़ ने साफ कहा कि अस्पताल में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अनुपस्थित डॉक्टरों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
“हमारा लक्ष्य है कि मरीजों को बिना किसी बाधा के बेहतर और सुचारू इलाज मिल सके।”
More Stories
ईरा वर्ल्ड स्कूल, ग्वालियर में रक्तदान शिविर संपन्न, करीब 50 यूनिट रक्त हुआ एकत्र
माधव विधि महाविद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता कार्यक्रम
जयप्रकाश सोनी बने स्वर्णकार समाज एवं ज्वैलर्स एसोसिएशन के ग्वालियर जिला अध्यक्ष, समाज में हर्ष की लहर