ग्वालियर। प्रेस्टीज प्रबंधन एवं शोध संस्थान, ग्वालियर के विधि विभाग के द्वारा तीन दिवसीय नेशनल आर्बिद्रेशन प्रतियोगिता का आज दिनांक 20.11.2025 को शुभांरभ किया गया। ज्ञात हो कि यह प्रतियोगिता 20 नबम्वर से शुरू होकर 22 नबम्वर को समापन किया जायेगा जिसमें प्री राउड, सेमीफाइनल और फाइनल राउंड आयोजित किये जायेगे। और विजेताओ का चुनाव किया जायेगा,
इस प्रतियोगिता का मुख्य उददेश्य विधि के विधार्थीयों को आर्बिद्रेशन की बारीकियो से रूबरू कराना है तथा किस तरह आर्बिद्रेशन का प्रयोग करके लंबित मामलो को सुलझाया जा सकता है के बारे में विस्तार से बताना है।
विधि विभाग की प्रिंसिपल डॉ. राखी सिंह चौहान ने बताया की अगर आर्बिद्रेशन की बात की जाये तो इसकी शुरूआत पंचायतों से हुई थी और उन्होंने यह भी बताया कि यह कानून सुलह के नये नियम और कानून लेकर आता है और उन्होंने सभी प्रतिभागीयों को मध्यस्थंम और सुलह अधिनियम ,1996
अधिनियम की बारीकी से अवगत कराया।
इस प्रतियोगिता में तीन राउंड आयोजित किये जायेगे जिसमें अलग – अलग जजेस राउंड के दौरान प्रतिभागियो का मुल्यांकन करेगे जिसमे मेहुल बसल, फाउंडर एण्ड सी.ई.ओ. रेलोन ऐडवोकेसी –(मिडिऐटर), एड. तुफैल शरीफ, आई आई ए. एम. ऐकेरिऐइेडर मिडिऐटर , गीतिका जैन, ऐकेडमिक एण्ड ऐलाईस मैनेजर मनुयाग, एड. उज्ज्वल शर्मा, काउंसलर एण्ड आर्बिट्रेटर, ऐडवोकेट आकारसी जैन, ऐडवोकेट एंण्ड आर्बिट्रेटर उपस्थित रहेगे।
इस प्रतियोगिता में कुल 22 टीमों ने प्रतिभाग किया है जिसमें पूरे भारत से टीमों ने प्रतिभाग किया है। प्रतियोगिता के दौरान विधि विभाग के सभी फैकल्टी मेम्बर उपस्थित रहे और अपने – अपने टेक्निकल सेशन का संचालन भी किया जिसमें ऐसोसिऐट प्रोफेसर डॉ. हरिओम अवस्थी, सह- प्राध्यापक आशीष यादव , सह प्राध्यापक आबिल हुसैन , सह- प्राध्यापक राहुल श्रीवास्तव , सह प्राध्यापिका मानसी सोनी , सह -प्राध्यापिका जिज्ञासा वोहरा , सह- प्राध्यापिका डॉ. दीक्षा भदौरिया , सह- प्राध्यिका रीचा मित्तल ,सह- प्राध्यापक साहिल वर्मा उपस्थित रहे।
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