💻💰 साइबर पुलिस ने मास्टरमाइंड को पकड़ा 🚔
ग्वालियर।
ग्वालियर साइबर पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मास्टरमाइंड मनीष गुप्ता (31) और उसका साथी दीपक कुमार (24) दिल्ली से गिरफ्तार किए गए। चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों सिर्फ 12वीं पास हैं, लेकिन ग्रेजुएट्स और प्रोफेशनल्स तक को अपने जाल में फंसा लेते थे।
📌 बिहार में चलता था “ठगी इंस्टीट्यूट”
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि मनीष ने बिहार के छपरा में बाकायदा ठगी की ट्रेनिंग ली थी। इसके बाद उसने एमपी, यूपी, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में फर्जी कॉल सेंटर खोलकर करोड़ों की ठगी की।
📌 ग्रेजुएट्स को 15 हजार सैलरी पर करता था हायर
मनीष बेरोजगार युवाओं को कॉल सेंटर में नौकरी देता था और उनके बैंक अकाउंट व आधार कार्ड का इस्तेमाल ठगी के लिए करता था।
📌 कैडबरी फ्रेंचाइजी के नाम पर लाखों की ठगी
ग्वालियर निवासी प्रदीप सेन से 5.70 लाख रुपए और दिल्ली के एक कारोबारी से 20 लाख रुपए की ठगी कैडबरी कंपनी की फ्रेंचाइजी के नाम पर की गई।
📌 कैसे करते थे ठगी?
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गूगल पर बड़ी कंपनियों के नाम से फर्जी नंबर डालते थे।
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ग्राहक रिक्वेस्ट फॉर्म भरते ही डेटा गिरोह तक पहुंच जाता था।
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फिर खुद को कंपनी अधिकारी बताकर कॉल कर पैसे डलवाते थे।
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अलग-अलग राज्यों के एजेंट 20 मिनट में एटीएम से कैश निकाल लेते थे।
📌 पुलिस की मेहनत रंग लाई 🚔
लगभग एक साल तक आईपी एड्रेस और लोकेशन ट्रैकिंग के बाद ग्वालियर साइबर पुलिस ने दोनों को दबोचा। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में और भी बड़े राज खुल सकते हैं।
✅ मुख्य बिंदु
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बिहार में ठगी सिखाने का “इंस्टीट्यूट” चलता है 🎭
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5 राज्यों में नेटवर्क बनाकर करोड़ों की ठगी 💰
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बेरोजगार ग्रेजुएट्स को फंसाकर उनके दस्तावेज का इस्तेमाल 📑
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कैडबरी फ्रेंचाइजी के नाम पर सबसे ज्यादा ठगी 🚩
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ग्वालियर साइबर पुलिस ने दिल्ली से की गिरफ्तारी 🚔
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