February 6, 2026

ढोल ताशो के साथ भगवान कृष्ण की आई बारात, हुई पुष्प वर्षा भक्त बने बाराती

ग्वालियर। सोमवार को श्री राम मंदिर अयोध्या धाम फालका बाजार पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिन रास पंचाध्याय की कथा का वर्णन करते हुए आचार्य श्री राम दुबे शास्त्री जी ने बताया की महा रास में पांच अध्याय हैं जो भागवत के पांच प्राण हैं जो भागवत जी के इन पांच अध्यायों का भाव से गान करता है वह भगवान की प्रेम भक्ति पाता है उन्हें वृंदावन की भक्ति सहज प्राप्त हो जाती है महा रास में भगवान शिव जी स्वयं आते हैं भगवान श्री कृष्णा ने बांसुरी बजाकर गोपियों का आवाहन किया महा रास की लीला ही जीवात्मा और परमात्मा के मिलन की लीला है श्री कृष्ण रुक्मणी विवाह प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि जो श्री कृष्ण -रुक्मणी विवाह के प्रसंग को सुनता है उसके जीवन की वैवाहिक समस्या दूर हो जाती है भगवान की बारात बैंड बाजे के साथ निकाली गई भक्तों ने झूम- झूम कर नृत्य किया वेद मंत्रो के उच्चारण से भगवान श्री कृष्ण का रुक्मणी के सन्ग विवाह हुआ तत्पश्चा आचार्य श्री राम दुबे द्वारा भजन गाए कजरारे तेरे मोटे-मोटे नैन, मैनू नचना मोहन दे नाल आज मेनू नच लेन दे, आओ मेरी सखियों मुझे मेहंदी लगा दो मुझे श्याम सुंदर की दुल्हन बना दो, काली कमली वाला मेरा यार है गाया तो सभी महिला एवं पुरुष भक्त झूम के नाचने गाने लगे इसी के साथ आज की कथा को विराम देते हुए अग्रवाल पंचायत एवं भक्तों द्वारा श्री कृष्ण रुक्मणी एवं श्रीमद् भागवत कथा की आरती उतर गई भक्तों द्वारा आरती की गई जिसमें पीडी अग्रवाल रामनिवास अग्रवाल शालिग्राम गोयल गोविंद प्रसाद बंसल दीपक जैन मदन मोहन गर्ग रमेशचंद्र गोयल दीपक मंगल चंद्रकांत अग्रवाल समाजसेवी रवि गर्ग एवं समिति के सभी सदस्य भारी संख्या में उपस्थित रहे तत्पश्चात आचार्य पंडित कुलदीप जी महाराज ने बताया कि कल 23 दिसंबर मंगलवार को सुदामा चरित्र की कथा सुनाई जाएगी कथा का संपूर्ण फल सुदामा चरित्र की कथा सुनने से प्राप्त होगा और इसी के साथ कथा को विश्राम कराते हुए कथा का समापन होगा मीडिया प्रभारी राजू पंडित